हनुमानगढ़ सेंट्रल जेल में होने वाली थी बड़ी वारदात!
हनुमानगढ़ जंक्शन की सेंट्रल जेल में किसी बड़ी वारदात की साजिश रची जा रही थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए जेल में देसी पिस्तौल और जीवित कारतूस पहुंचा दिए गए। इससे पहले की यह वारदात होती, यह हथियार पकड़ में आ गए। बड़ी वारदात होने से बच गई। अब पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है कि हथियार किसने, कब और कैसे जेल में पहुंचाएं? इसके पीछे कैसी वारदात को अंजाम देने का मकसद था? क्या किसी की जेल में हत्या की जानी थी? क्या जेल में बंदियों का आपस में कोई विवाद या झगड़ा हुआ, जिस कारण यह हथियार बाहर से मंगवाए गए? कहीं ऐसा कोई शख्स तो नहीं है जो इस जेल में किसी कैदी की हत्या करवाने की तमन्ना रखता है? कहीं ऐसा तो नहीं जेल का कोई कर्मी ही किसी दूसरी कर्मी को फंसाने की साजिश रचे हुए थे। उस दिन पहले जेल कर्मियों का भी आपस में झगड़ा हुआ है।फिलहाल जंक्शन पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति पर जेल में अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज इन सारे सवालों के जवाब ढूंढने में लग गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह पिस्तौल और जीवित कारतूस मिलने से हड़कंप मच गया। जेल स्टाफ द्वारा आज दोपहर हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस को जेल परिसर में एक पिस्तौल और तीन जीवित कारतूस मिलने की सूचना दी। इस पर सब इंस्पेक्टर विशु वर्मा, सहायक उप निरीक्षक गिरधारीलाल आदि दलबल सहित जेल में पहुंचे। जेल में हथियार मिलने के इस गंभीर मामले की पड़ताल शुरू कर दी।
जेल में चलाओ तलाशी अभियान
सूत्रों के अनुसार जेलर सुरेश मीणा द्वारा हथियार मिलने की सूचना दिए जाने पर जेल में पहुंची पुलिस की मौजूदगी में तलाशी अभियान चलाया गया। पिस्तौल और कारतूस जेल की एक दीवार के पास पड़े पाए गए। सभी कैदियों को बैरकों से बाहर लाया गया। बैंरकों में उनके सामान की तलाशी ली गई। जेल के बाकी परिसर को भी अच्छी तरह से चैक किया गया। पुलिस सूत्रों ने एक पिस्तौल और तीन जीवित कारतूस मिलने की पुष्टि करते हुए बताया है कि पता लगाया जा रहा है कि यह हथियार जेल में कैसे पहुंचे हैं। लगभग 4 घंटे तक पुलिस जेल में रही। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरा की फुटेज को भी चेक किया गया।
दीवार के ऊपर से फैंके जाने की आशंका
इस जेल में अक्सर मोबाइल फोन तथा सिम कार्ड बरामद होते रहते हैं।जंक्शन थाने में इसके अनेक मामले दर्ज हैं। मोबाइल और सिम कार्ड कहां से आते हैं, पुलिस भी पता नहीं लगा पाती। उधर, सूत्रों का कहना है कि जेल के नजदीक सड़क मार्ग है। इस मार्ग की ओर से जेल के अंदर पॉलिथीन की थैलियों में बांधकर मोबाइल फोन फेंक दे जाते हैं। अंदर जेल में दीवार के पास कैदी उन्हें उठा लेते हैं। मुलाकात के दौरान कैदी और मुलाकाती, मोबाइल कब और किस जगह दीवार के उस पार से फेंका जाएगा,यह हो जाता है। सूत्रों का कहना है कि आज बरामद हुए हथियार भी इसी प्रकार सड़क मार्ग की ओर से जेल के अंदर किसी ने फेंके जाने की संभावना है।
गहनता से जांच पड़ताल
हथियार मिलने पर अंदेशा जताया जा रहा है कि जेल के अंदर अगर यह हथियार जिस किसी के दिया बंदी ने बाहर से मंगाए हैं, अगर उसके हाथ लग जाते तो निश्चित ही कोई खून खराबा होता। इससे पहले हथियार पकड़ में आ जाने से जेल स्टाफ ने राहत की सांस ली है। अब पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि यह हथियार किस कैदी ने मंगवाए होंगे? पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पिछले कुछ दिनों में बंदियों में किसी बात को लेकर झगड़ा या विवाद तो नहीं हुआ है। क्या कोई जेल में ऐसा बंदी तो नहीं जिसकी कोई हत्या करवाना चाहता है या यह बंदी अपनी किसी रंजिश या विवाद के कारण किसी दूसरे बंदे की जान लेना चाहता है।
विवादों से जेल का पुराना नाता
हनुमानगढ़ सेंट्रल जेल का पिछले कुछ समय से विवादों से नाता रहा है। करीब 10 दिन पहले इस जेल की एक महिला कर्मी ने जेलर सुरेश मीणा और उसकी पत्नी पर उसके क्वार्टर में आकर मारपीट करने, गाली गलौज करने तथा धमकियां देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। अभी इस मामले की जांच चल रही है। महिला जेल कर्मी का आरोप है कि जेलर सुरेश मीणा कैदियों-बंदियों से सुविधाओं के बदले चौथ वसूली करता है। वह इसका विरोध करती है।इसी बात को लेकर सुरेश और उसकी पत्नी ने क्वार्टर में आकर मारपीट की। कुछ अरसा पहले इसी जेल के एक कर्मी को एक पूर्व बंदी और उसके साथियों ने पार्टी करने के नाम पर एक ठिकाने पर बुलाया और फिर महिला के जाल में फंसा कर ब्लैकमेल किया। इस मामले में पुलिस ने कई व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। पूर्व में एक जेलर पर हमले की घटना भी हो चुकी है।जंक्शन पुलिस ने बताया कि आज बरामद को यह हथियार के बारे में देर शाम तक कोई मामला दर्ज किए जाने की संभावना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह पिस्तौल और जीवित कारतूस मिलने से हड़कंप मच गया। जेल स्टाफ द्वारा आज दोपहर हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस को जेल परिसर में एक पिस्तौल और तीन जीवित कारतूस मिलने की सूचना दी। इस पर सब इंस्पेक्टर विशु वर्मा, सहायक उप निरीक्षक गिरधारीलाल आदि दलबल सहित जेल में पहुंचे। जेल में हथियार मिलने के इस गंभीर मामले की पड़ताल शुरू कर दी।
जेल में चलाओ तलाशी अभियान
सूत्रों के अनुसार जेलर सुरेश मीणा द्वारा हथियार मिलने की सूचना दिए जाने पर जेल में पहुंची पुलिस की मौजूदगी में तलाशी अभियान चलाया गया। पिस्तौल और कारतूस जेल की एक दीवार के पास पड़े पाए गए। सभी कैदियों को बैरकों से बाहर लाया गया। बैंरकों में उनके सामान की तलाशी ली गई। जेल के बाकी परिसर को भी अच्छी तरह से चैक किया गया। पुलिस सूत्रों ने एक पिस्तौल और तीन जीवित कारतूस मिलने की पुष्टि करते हुए बताया है कि पता लगाया जा रहा है कि यह हथियार जेल में कैसे पहुंचे हैं। लगभग 4 घंटे तक पुलिस जेल में रही। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरा की फुटेज को भी चेक किया गया।
दीवार के ऊपर से फैंके जाने की आशंका
इस जेल में अक्सर मोबाइल फोन तथा सिम कार्ड बरामद होते रहते हैं।जंक्शन थाने में इसके अनेक मामले दर्ज हैं। मोबाइल और सिम कार्ड कहां से आते हैं, पुलिस भी पता नहीं लगा पाती। उधर, सूत्रों का कहना है कि जेल के नजदीक सड़क मार्ग है। इस मार्ग की ओर से जेल के अंदर पॉलिथीन की थैलियों में बांधकर मोबाइल फोन फेंक दे जाते हैं। अंदर जेल में दीवार के पास कैदी उन्हें उठा लेते हैं। मुलाकात के दौरान कैदी और मुलाकाती, मोबाइल कब और किस जगह दीवार के उस पार से फेंका जाएगा,यह हो जाता है। सूत्रों का कहना है कि आज बरामद हुए हथियार भी इसी प्रकार सड़क मार्ग की ओर से जेल के अंदर किसी ने फेंके जाने की संभावना है।
गहनता से जांच पड़ताल
हथियार मिलने पर अंदेशा जताया जा रहा है कि जेल के अंदर अगर यह हथियार जिस किसी के दिया बंदी ने बाहर से मंगाए हैं, अगर उसके हाथ लग जाते तो निश्चित ही कोई खून खराबा होता। इससे पहले हथियार पकड़ में आ जाने से जेल स्टाफ ने राहत की सांस ली है। अब पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि यह हथियार किस कैदी ने मंगवाए होंगे? पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पिछले कुछ दिनों में बंदियों में किसी बात को लेकर झगड़ा या विवाद तो नहीं हुआ है। क्या कोई जेल में ऐसा बंदी तो नहीं जिसकी कोई हत्या करवाना चाहता है या यह बंदी अपनी किसी रंजिश या विवाद के कारण किसी दूसरे बंदे की जान लेना चाहता है।
विवादों से जेल का पुराना नाता
हनुमानगढ़ सेंट्रल जेल का पिछले कुछ समय से विवादों से नाता रहा है। करीब 10 दिन पहले इस जेल की एक महिला कर्मी ने जेलर सुरेश मीणा और उसकी पत्नी पर उसके क्वार्टर में आकर मारपीट करने, गाली गलौज करने तथा धमकियां देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। अभी इस मामले की जांच चल रही है। महिला जेल कर्मी का आरोप है कि जेलर सुरेश मीणा कैदियों-बंदियों से सुविधाओं के बदले चौथ वसूली करता है। वह इसका विरोध करती है।इसी बात को लेकर सुरेश और उसकी पत्नी ने क्वार्टर में आकर मारपीट की। कुछ अरसा पहले इसी जेल के एक कर्मी को एक पूर्व बंदी और उसके साथियों ने पार्टी करने के नाम पर एक ठिकाने पर बुलाया और फिर महिला के जाल में फंसा कर ब्लैकमेल किया। इस मामले में पुलिस ने कई व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। पूर्व में एक जेलर पर हमले की घटना भी हो चुकी है।जंक्शन पुलिस ने बताया कि आज बरामद को यह हथियार के बारे में देर शाम तक कोई मामला दर्ज किए जाने की संभावना है।

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