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हरियाणा सरकार बना रही है घग्गर नदी के तटबंधों और पुलों को मजबूत करने की कार्य योजना

श्रीगंगानगर, (नि.स.)। हिमाचल प्रदेश में शिवालिक की पहाडिय़ों से निकल कर पंजाब-हरियाणा होते  राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से होकर श्रीगंगानगर जिले से पाकिस्तान तक बहने वाली घग्गर नदी के तट बंधों और पुलों को हरियाणा सरकार अपने क्षेत्र में मजबूत करने की कार्य योजना पर लगी हुई है। आज मंगलवार को हरियाणा के सिरसा जिले में प्रशासनिक अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर पंजाब व राजस्थान की सीमाओं तक घग्गर नदी के तटबंधों और पुलों का अवलोकन किया। सिरसा के उपायुक्त रमेश चंद्र बिढान ने आज पंजाब सरहद मुसाहिब वाला से लेकर राजस्थान छोर तक घग्गर नदी के तटबंध व पुलों का निरीक्षण करने के बाद यहां पत्रकारों को दी । इस दौरान उनके साथ नगरा लिस्ट जयवीर यादव, आत्माराम राम अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग दिलबाग सिंह नगराधीश ऐलनाबाद के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।  प्राप्त जानकारी के अनुसार रमेश चंद्र विधान ने निर्देश दिए कि घग्घर नदी के साथ लगते चैनलों तथा हैडों की समुचित सफाई की जाए। चैनलों के दोनों किनारों को मजबूत किया जाए, ताकि इनमें पानी बहाव की क्षमता बढ सके। नदी के तटबंधों व पुलों को भी मजबूत बनाया जाए और किनारों पर उगी घास या झाडिय़ों को साफ करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि चैनल व हैडों की निरंतर निगरानी के लिए सैक्टर वाइज टीम बना कर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए और मिट्टïी के बैगों की भी समुचित व्यवस्था पहले से रखें। उन्होंने गांव फरवाई खुर्द से गांव नेजाडेला तक बने बांध का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से कहा कि जहां भी आवश्यकता हो उन स्थानों पर तुरंत मिट्टी डलवाएं और बांध को मजबूत रखें, अगर इन कार्यों में किसी प्रकार की कोई दिक्कत आती है तो तुरंत उनके संज्ञान में लाया जाए ताकि समय रहते उन दिक्कतों को दूर किया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ये भी निर्देश दिये कि वे समय-समय पर घग्घर बांध की मजबूती की जांच करते रहें तथा कमजोर स्थानों को चयनित कर उनको मजबूत बनाएं। यह नदी हरियाणा से हनुमानगढ़ जिले में प्रवेश कर श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़, जैतसर, श्रीविजयनगर, रामसिंहपुर, अनूपगढ़ होते हुए आगे पाकिस्तान तक जाती है। इसके बहाव क्षेत्र के किसानों को हर वर्ष बरसाती मौसम में आने वाले पानी से काफी लाभ होता था। इस बहाव क्षेत्र में विशेषकर धान की फसल बड़े पैमाने पर होती है। पिछले कुछ वर्षों से नदी का पानी हरियाणा तक सीमित होकर रह गया है। कई वर्षों पश्चात गत वर्ष 2019 में अच्छी बरसाते होने के कारण पानी श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़ सीमा तक पहुंचा था। हनुमानगढ़ और  श्रीगंगानगर जिलों में पानी नहीं पहुंचने का एक कारण हरियाणा में इसके तटबंध मजबूत कर देने और हैड बना लेना माना जा रहा है। पानी को हरियाणा में ही रोककर वहां के किसानों को उससे लाभान्वित किया जा रहा है। इस वजह से श्रीगंगानगर जिले तक  पानी नहीं पहुंच रहा। गत वर्ष पानी आने से यहां के किसान प्रसन्न हो गए थे। हरियाणा में तट बंधों और पुलों को मजबूत करने से आशंका उत्पन्न होने लगी है कि  नदी का पानी अब पूर्ण रूप से हरियाणा में ही रोक लिया जाएगा। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के किसान पानी से वंचित रह जाएंगे। इन जिलों में उसी सूरत में पानी आएगा जब बहुत ज्यादा वर्षा होगी। कभी इस नदी में हर वर्ष पानी आता था और पाकिस्तान में प्रवेश करता था। पाकिस्तान ने भी अपने क्षेत्र में पानी को बहुतायत मात्रा में आने से रोकने के लिए मजबूत तटबंध बना लिए थे, जिससे श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ से लेकर सूरतगढ़ तक के इलाके में बाढ आ जाने का खतरा उत्पन्न हो जाता था। बचाव के लिए इसके पानी को गग्गर डिप्रेशनों में छोडऩा पड़ता था। मगर यह अब इतिहास की बातें हो गई हैं। अब तो पानी हनुमानगढ़ जिले में राजस्थान-हरियाणा सीमा तक पहुंच जाए यही गनीमत है।


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