सरसों और चने की सरकारी खरीद को लेकर चला रहा विवाद समझौते के बाद समाप्त
श्रीगंगानगर। रायसिंहनगर कस्बे में क्रय विक्रय सहकारी समिति द्वारा सरसों और चने की क्वालिटी के नाम पर तीन दिनों से खरीद नहीं हो रही थी। आज भी सहकारी समिति ने खरीद करने से मना कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश कमेटी सदस्य पूर्व चेयरमैन राकेश ठोलिया और राजेंद्र तंवर सहकारी समिति पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी की तुरंत सरकारी खरीद चालू करो। उसके बाद नेफेड के प्रतिनिधि सुग्रीव बिश्नोई, सहकारी समिति के मुख्य प्रबंधक बजरंग बिश्नोई, अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी, सहायक निदेशक कृषि पृथ्वीराज, महाप्रबंधक वेयरहाउस धनंजय पाठक, पूर्व चेयरमैन राकेश ठोलिया, राजेंद्र तंवर, प्रमोद भाकर, रमेश पूनिया आदि किसान प्रतिनिधियों के बीच लिखित में समझौता वार्ता हुई। निर्णय लिया गया कि सरसों में सफेद दाने और चने में हरे दाने की वजह से किसी भी किसान की फसल को रिजेक्ट नहीं किया जाएगा। किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी, भूमि विकास बैंक के पूर्व चेयरमैन राकेश ठोलिया ने कहा कि क्वालिटी के नाम पर किसानों को काफी दिनों से परेशान किया जा रहा था। राकेश ठोलिया ने यह जानकारी देते बताया कि यह किसान विरोधी कदम था। आज सभी अधिकारियों को बुलाकर के वार्ता में तय किया गया कि सरकारी खरीद सुचारु रखी जाएगी। क्वालिटी के नाम पर किसान को परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फिर भी किसानों को परेशान किया गया तो मजबूरीवश किसान को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इस संबंध में तीन दिन पूर्व भी जिला कलेक्टर से मिलकर के बारिश के कारण जो फसल थोड़ी खराब हुई है, उसमें रिलैक्सेशन देने की मांग की गई थी।

Post a Comment